
Shatranj Ke Khilari Evam Anya Kahaniya Hindi
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इस कहानी में प्रेमचंद ने वाजिदअली शाह के वक़्त के लखनऊ को चित्रित किया है ! भोग-विलास में डूबा हुआ यह शहर राजनीतिक-सामाजिक चेतना से शून्य है ! पूरा समाज इस भोग-लिप्सा में शामिल है ! इस कहानी के प्रमुख पात्र मिर्जा सज्जाद अली और मीर रौशन अली हैं ! दोनों वाजिदअली शाह के जागीरदार हैं ! “मुंशी प्रेम चंद का जनम बनारस के निकट लमही गांव में सन 31 जुलाई 1880 में हुआ था ! उन्होंने बी.ए की पढ़ाई पूरी करने के अपरांत इक्कीस वर्ष की उम्र में लिखना शुरू कर दिया था ! उन्होंने लिखने की शुरुआत उर्दू भाषा से की ! उनकी उर्दू में लिखी कहानियों का प्रथम संकलन ‘सोजे वतन’ के नाम से प्रकाशित हुआ ! प्रेमचंद जी ने सन 1923 में सरस्वती प्रेस की स्थापना की तथा सन 1930 से ‘हंस’ नामक एक ऎतिहासिक पत्रिका का सम्पादन भी किया ! उन्होंने अपने जीवनकाल में कई कहानियाँ उपन्यास और वैचारिक निबंध लिखे ! उनकी रचनाओं में उनकी यही विशेषताये विद्यमान हैं ! 8 अक्टूबर 1936 में मुंशीप्रेमचंद का बीमारी कारण निधन हो गया !.
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Shatranj Ke Khilari Evam Anya Kahaniya Hindi
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